साइबर अटैक से सुरक्षित रहने के लिए सरकार मुफ्त में उपलब्ध कराएगी ANTIVIRUS

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक बॉटनेट क्लिनिंग एंड मालवेयर एनालिसिस सेंटर शुरू किया। ये सेंटर देश में कंप्यूटर्स और मोबाइल फोन्स को फ्री एंटीवायरस उपलब्ध कराएगा। इस प्रोजेक्ट में आने वाले 5 साल में 90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘मैं इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से आग्रह करना चाहूंगा कि वह अपने ग्राहकों को इस सुविधा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। यह एक मुफ्त सेवा है। ग्राहक आएं और इस सेवा का उपयोग करें’।

कैसे काम करेगी ये सेवा? यह सेवा साइबर स्वच्छता केंद्र के नाम से शुरू की गई है। इसके तहत देश में साइबर सुरक्षा की निगरानी करने वाली कंपनियां, कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट-इन) की मदद से वायरस से प्रभावित कंप्यूटर और मोबाइल्स का डाटा इक्ट्ठा करेगी। साथ ही उन्हें इंटरनेट सेवा प्रदाताओं तथा बैंकों के पास भेजेंगी। इंटरनेट सेवा देने वाले और बैंक, यूजर्स की पहचान करेंगे। इसके बाद यूजर्स को एक लिंक मुहैया कराया जाएगा। इस लिंक के जरिए यूजर्स एंटीवायरस को अपनी डिवाइस (जिसमें वायरस होगा) को सही करने के लिए डाउनलोड कर सकेगा।

सर्ट-इन के महानिदेशक संजय बहल ने बताया कि अभी इस सेवा का उपयोग 58 इंटरनेट सेवा प्रदाता और 13 बैंक कर रहे हैं। प्रसाद ने सर्ट-इन को जून तक राष्ट्रीय साइबर सहयोग केंद्र स्थापित करने का भी निर्देश दिया है।
Source: Jagran Tech


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